तो हो जाए कुछ बातें......
अब कल बापू का जन्म दिन है, सारा देश उनको याद करेगा, और करना भी चाहिये..
हमारे बिट्स परिसर में भी बापू की एक मूर्ति है...गाँधी चौक...
साधारण दिनों मे तो एक पंछियो के मिलने का स्थान हे, पर कल कुछ अलग बात होगी..
आज शाम से ही बापू को नहला धुला कर तेयार किया गया...
मैस जाते समय कुछ अलग ही नजारा दिख रहा था...आज फ़िर मन में विचार आया ....
क्या भारत गाँधी और गांधियों का ही देश है..
बस विचार ने सोचने पर मजबूर कर दिया.....खाने की टेबल पर,
जो पहले से ही हमारे रोहित भाई के ठहाको से गुंजायमान थी...हमने अपना ये भरी भरकम विचार परोस दिया....
माहोल अचानक से जेसे ठहर गया, हमने दूसरा प्रहार किया...क्या अभी कुछ दिनों पहले शहीद शिरोमणि सरदार भगत सिंह का जन्म दिन किसी को याद हें, कुछ सहमती और कुछ अनभिज्ञता के सर हिले, पर एक बात सुब सहमत हुए की आज़ादी का मतलब सिर्फ़ गाँधी नही और ना ही भारत का........
पर सवाल तो अपना असर छोड़ चुका था.....