Tuesday, June 28, 2011

ब्लॉगचर्चा रवीन्द्र-व्यास ...तुम्हारे मन की..... ब्लॉग की चर्चा रवींद्र व्यास के द्वारा

तुम्हारे मन की.....  ब्लॉग की चर्चा रवींद्र व्यास के द्वारा उनके ब्लॉग "ब्लॉगचर्चा" पर... .......................



मन की सीधी-सादी बातें करता एक ब्लॉग इस बार ब्लॉग-चर्चा में कविता का ब्लॉग.........
ऐसे ही एक नए ब्लॉगर हैं सूर्यप्रकाश यादव। उनका ब्लॉग नया है। 

यहाँ उन्होंने कविताएँ पोस्ट की हैं। ये कविताएँ छोटी-छोटी हैं। मन की बाते हैं। एक कविता है ' तू और मैं' । इसमें बहुत सादा बात कहने की कोशिश है कि दो किनारे कैसे समानांतर चलते हैं और कभी मिल नहीं पाते हैं। इसी तरह से ' तू मन को लुभाए जाती है' कविता भी मन की बात कहती है। इसमें बारिश है, पतंग उड़ाने की यादें हैं, पीले फूल हैं। यानी जीवन की वे यादें जो हमें कुछ ज्यादा मनुष्य और कुछ ज्यादा मानवीय बनाए रखती हैं जो हमें हमेशा लुभाती रहती हैं।..........


ये कविताएँ जीवन के लुभाए जाने के बारे में है। लेकिन इसमे लुभाने की कोई अदा नहीं है बल्कि सीधी सी बात को सादे ढंग से कहने की सरल कोशिश है। यहाँ कुछ फोटो भी पोस्ट किए गए हैं। गाँधी और गाँधियों पर एक पोस्ट है लेकिन ज्यादातर कविताएँ हैं।



ये रहा इसका पता-

http://yadavsurya.blogspot.com/


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http://hindi.webdunia.com/%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80/%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%97-1091020108_1.htm