Thursday, April 16, 2009

चेहरे पर रखो नूर कि बारिश ..... The Joy...


चेहरे पर रखो नूर कि बारिश
और खयालों मैं खुशियों कि बूंदे
चंद लम्हों की मोहताज़ है, जिंदगी
किस ओर मुड़ जाये,
कभी ना जान पाओगे,

वक्त को किसने रोका है,
ये तो समय कि धारा है,
हर पल जो आता,
ओर जब जाता है,
कभी ना जान पाओगे,

निकल कर बाहर अपने इस बिंब से,
आज कुछ ओस कि बूंदे चुनो,
अपनी सूखी हथेली को दो,
एक नव जीवन,
जो अब जान जाओगे,

चेहरे पर रखो नूर कि बारिश ।।।

(c):तुम्हारे मन की...जो मैने कही...