Tuesday, January 5, 2010

यादें और जीवन...


जो यादें जाती जीवन से..                              
बादल बनकर उड़ जाती..
व्यथित चित्त को दे जाती..
एक नव जीवन का अहसाश..


परिभाषाओ सा जीवन है..
कुछ अभिलाषाओं सी यादें है..
जीवन व्रत अभिमानित है..
नूतन स्वप्न सजाने को..



"सूर्य" जो होता द्रवित मन...
नयन सजल हो जाते है..
जो यादें जाती जीवन से..

बादल बनकर उड़ जाती....




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समय:- काफी समय बाद कल कुछ शब्द लिखे...
उन्ही को आज की पोस्ट मै लिखा है.....